पाकिस्तान की खुफिया साजिश का खुलासा, गैंगस्टरों के जरिए जुटाई जा रही थी जानकारी
Pakistan's Intelligence Conspiracy Exposed
आईएसआई पाकिस्तानी गैंगस्टरों से भारत की जानकारी जुटा रहा।
युवाओं को जोड़कर महत्वपूर्ण स्थानों के वीडियो भेजे जा रहे थे।
भविष्य में ड्रोन हमलों की साजिश की आशंका जताई जा रही है।
मेरठ। Pakistan's Intelligence Conspiracy Exposed, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने वहां के गैंग्सटरों को भारत की भौगोलिक जानकारी जुटाने का जिम्मा सौंपा हैं। जांच एजेंसियां अभी तक पाकिस्तान के दो गैंग्सटर सरदार सरफराज डोगर और शहजाद भट्टी का नाम सार्वजनिक कर पाई हैं। उक्त दोनों गैंग्सटर यहां के किशोरों और बेरोजगार युवकों को जोड़कर देश की अहम जानकारी जुटा रहे हैं। सरफराज डोगर ने बिजनौर के सुहैल को जोड़ा, जबकि शहजाद भट्टी ने हापुड़ के अजीम राणा और मेरठ के जेई गांव निवासी आजाद राजपूत को जोड़ा। यह सभी गैंग्स्टर का हैंडलर बनकर काम कर रहे थे। जिन मोबाइल नंबरों पर वीडियो भेजा जा रहा था, उनका संचालन पाकिस्तान के लाहौर से हो रहा है।
बिजनौर के रहने वाला सुहैल पुणे में पाकिस्तानी गैंग्सटर सरफराज डोगर से जुड़ गया था। खुफियां एजेंसियों का मानना है कि देश की भौगोलिक जानकारी जुटाकर भविष्य में पाकिस्तानी ड्रोन से वहां सीधे हमला करने की साजिश रची जा रही थी। बताया जाता है कि सुहैल को पाकिस्तानी गैंग्सटर के मंसूबों के बारे में पूरी जानकारी थी। सुहैल से गैंग्सटरों ने वेस्ट यूपी और एनसीआर की जानकारी मांगी थी। यही कारण था कि सुहैल ने वेस्ट यूपी के किशोर और युवकों को जोड़कर प्रमुख स्थानों के वीडियो तैयार कर सरफराज के मोबाइल नंबर पर भेजा था। कई शहरों में सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं।
सीसीटीवी सिम से संचालित होते हैं, यही कारण था कि कुछ युवकों को मोबाइल सिम जुटाने में भी लगाया गया था। सुहैल के साथ दुर्गेश के खाते में पाकिस्तान से रकम भेजी जाती थी, जो यहां के युवकों को भुगतान करता था। अभी तक यह भी जानकारी सामने आई कि सुहैल का हैंडलर बनकर काम करने वाले युवक और किशोर पाकिस्तानी कनेक्शन से अनजान थे। इसी तरह से गैंग्सटर शहजाद भट्टी ने अजीम राणा को अपना हैंडलर बनाया था। अजीम ने अपने भांजे आजाद राजपूत समेत अन्य युवकों को जोड़ा, जो मेरठ समेत एनसीआर के प्रमुख स्थानों के वीडियो बनाकर भेजते थे।
गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस ने सुभारती मेडिकल कालेज के पास रहने वाले गणेश गिरी और शास्त्रीनगर के गगन प्रजापति के परिवार से भी पूछताछ की है। दोनों ही मेरठ के प्रमुख स्थानों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान के गैंग्सटर को भेज रहे थे। बताया जाता है कि सुहैल ने हाल ही में दोनों का सीधा संपर्क गैंग्सटर सरफराज डोगर से भी कराया था। गगन और गणेश के परिवार ने बताया कि उनको नहीं पता था कि सरदार सरफराज डोगर पाकिस्तान का रहने वाला है। बल्कि वह समझ रहे थे कि पंजाब का रहने वाला है, जो वीडियो किसी चैनल में प्रयोग करने के लिए लेता है।
वीडियो लेने के बाद उनके खाते में तीन से पांच हजार तक की रकम भेज दी जाती थी। गणेश गिरी ने वेदव्यासपुरी के आईटी पार्क समेत कई लोकेशन के वीडियो बनाकर भेजे थे। माना जा रहा है कि छावनी क्षेत्र के वीडियो भी ये लोग भेज चुके हैं।
जांच में पाकिस्तान के गैंग्सटर सरदार सरफराज और शहजाद भट्टी का नाम आया सामने
मामा के झांसे में आकर आजाद भेजने लगा था वीडियो भावनपुर के जेई गांव निवासी आजाद राजपूत का मामा अजीम राणा गैंग्सटर शहजाद भट्टी के संपर्क में था। मामा ने ही आजाद को भी अपने साथ लगा लिया था, जो वीडियो भेजकर अपने खाते में रकम ले रहा था। हालांकि आजाद राजपूत गुरुग्राम की एक आरओ कंपनी में भी काम करता था। जांच में अन्य युवकों के भी नाम प्रकाश में आ चुके हैं, जिन पर गहनता से काम किया जा रहा है।